संचारी रोगों के खिलाफ डीएम का बड़ा एक्शन, नगर निकायों में फॉगिंग-एंटी लार्वा छिड़काव शुरू
हाई रिस्क इलाकों पर विशेष नजर, जलभराव मिला तो तत्काल कार्रवाई के निर्देश
पूरे अक्टूबर चलेगा अभियान, सफाई और फॉगिंग में लापरवाही पर होगी कार्रवाई
(रिपोर्ट - बृजेश कुमार सिंह/सोनभद्र)
सोनभद्र। जनपद में संचारी रोगों एवं दिमागी बुखार की रोकथाम को लेकर जिलाधिकारी महोदय ने अभियान को प्रभावी बनाने के लिए नगर पालिका परिषद एवं नगर पंचायतों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। जिलाधिकारी के निर्देश के क्रम में नगरीय क्षेत्रों में फॉगिंग एवं एंटी-लार्वा छिड़काव की कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। हाई रिस्क क्षेत्रों, संवेदनशील मोहल्लों, मलिन बस्तियों तथा मच्छरों के प्रजनन की संभावना वाले स्थानों को प्राथमिकता पर लेते हुए अभियान चलाया जा रहा है।
शासन के निर्देशानुसार 01 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान तथा 12 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक दस्तक अभियान संचालित किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि अभियान को केवल औपचारिकता तक सीमित न रखते हुए पूरे माह व्यापक स्तर पर लगातार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
जहां खतरा ज्यादा, वहां पहले पहुंचेगी फॉगिंग टीम
नगर निकायों को स्वास्थ्य विभाग द्वारा चिन्हित हाई रिस्क एवं संवेदनशील क्षेत्रों में रोस्टर के अनुसार नियमित फॉगिंग कराने तथा एंटी-लार्वा रसायनों का छिड़काव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। मच्छरों के प्रजनन वाले संभावित स्थलों की लगातार निगरानी करते हुए आवश्यक निरोधात्मक कार्रवाई की जाएगी।
नालियों की तलीझार सफाई और जलभराव पर जीरो टॉलरेंस
जिलाधिकारी ने नगरीय क्षेत्रों में नालियों की तलीझार सफाई, जल निकासी एवं स्वच्छता व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। सड़कों, खाली स्थानों, नालियों एवं अन्य स्थानों पर जलभराव न होने देने तथा जहां जलभराव की स्थिति मिले, वहां तत्काल पानी की निकासी सुनिश्चित करने को कहा गया है।
कूड़ा उठाने वाले वाहनों से भी चलेगा जागरूकता अभियान
नगर पालिका के डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण वाहनों के माध्यम से संचारी रोगों से बचाव, स्वच्छता, जलभराव रोकने एवं मच्छरों से सुरक्षा संबंधी संदेशों का नियमित प्रसारण कराया जाएगा। मोहल्ला निगरानी समितियों को भी सक्रिय करते हुए नागरिकों को व्यक्तिगत स्वच्छता, खुले में शौच से बचाव तथा शुद्ध पेयजल के प्रयोग के प्रति जागरूक किया जाएगा।
दूषित पानी पर भी निगरानी, उथले हैंडपंप होंगे चिन्हित
दूषित पेयजल से होने वाले रोगों की रोकथाम के लिए उथले हैंडपंपों को लाल रंग से चिन्हित करने तथा पेयजल स्रोतों की नियमित गुणवत्ता जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि नगरीय क्षेत्रों में संचारी रोग नियंत्रण से जुड़े कार्यों में किसी भी स्तर पर शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। फॉगिंग, एंटी-लार्वा छिड़काव, नालियों की सफाई, जलभराव की रोकथाम एवं जनजागरूकता गतिविधियों की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जाएगी।
जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से अपील की है कि घरों एवं आसपास पानी जमा न होने दें, कूलर, गमले, टायर एवं अन्य पात्रों में पानी एकत्रित न होने दें, पूरी बांह के कपड़े पहनें तथा बुखार आने पर तत्काल नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच एवं उपचार कराएं।
संचारी रोगों की रोकथाम के लिए प्रशासन की कार्रवाई पूरे अक्टूबर माह व्यापक स्तर पर जारी रहेगी।




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